Skip to main content

Posts

एमडीटी खाओ - कुष्ठ भगाओ

आज हमारे दैनिक समाचार पत्र के साथ-साथ एक सरकारी विज्ञापन का पन्ना भी मिला । जोकि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बलिया से संबंधित था । मुझे लगा कि आप लोगों के साथ इसे अपने इस पेज पर साझा करना चाहिए ।
कुष्ठ रोग क्या है ?

• यह एक जीवाणु माइकोबैक्टेरियम लैप्री द्वारा फैलता है ।
• यह वंशानुगत तथा पिछले जन्म के पापों का प्रतिफल नहीं है ।
• कुष्ठ रोग 98% संक्रमित रोगियों के खांसने व छींकने से निकलने वाले कीटाणुओं के नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने से फैलता है ।
• कुष्ठ रोग मात्र 2% संक्रमित रोगी के साथ लंबे समय तक त्वचा के संपर्क एवं संसर्ग में रहने पर फैलता है।

कुष्ठ रोग के लक्षण

•  शरीर पर शरीर के रंग से हल्के रंग , लाल रंग अथवा पूर्ण रूप से सुन कोई दाग धब्बा अथवा चकता पाया जाना।
•  कोहनी के पीछे अथवा घुटने के पीछे वाली नस का मोटा होना अथवा मोटे होने के साथ-साथ दर्द होना।
• हाथों अथवा पैरों की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी होना।

कुष्ठ रोग का उपचार

• कुष्ठ रोग साध्य है , उपचार के बाद पूर्णतया ठीक हो जाता है। अतः कुष्ठ रोग से भयभीत न हो।
• कुष्ठ रोग का उपचार बहु औषधि उपचार प्रणाली यानी एम…

ओणम का त्योहार क्यों मनाया जाता है

हो सकता है कि आप “ओणम” शब्द पहली बार सुन रहे  हों । यह दक्षिण भारतीय राज्य केरल में मनाया जाने वाला एक प्राचीन और पारंपरिक त्योहार है। इस त्योहार को मनाने के लिए देशभर से यहां तक कि विदेशों से भी लोग आते हैं।

दरअसल यह एक उत्सव होता है जो केरल के प्रिय राजा महाबली के स्वागत के प्रतीक के रूप में प्रत्येक वर्ष सितंबर के महीने में ( यानी भाद्रपद के शुक्ल पक्ष के द्वितीया से आरंभ हो जाता है ) हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। जोकि 10 दिनों तक चलता है।


ओणम उत्सव का खेती और किसानों से भी गहरा संबंध है। किसान भाई अपने फसलों की सुरक्षा और अच्छी उपज के लिए श्रावण देवता और पुष्पदेवी की आराधना करते हैं। फसल पकने की खुशी लोगों के मन में खुशी और उल्लास लाती है। इसलिए इसे फसल उत्सव के रूप में भी जाना जाता है।


इस दौरान पूरे घर की विशेष साफ-सफाई की जाती है , पूरे घर को फूलों से - मालाओं से सजाया जाता है। घर के आंगन में फूलों की पंखुड़ियों से सुंदर-सुंदर रंगोलियां बनाई जाती है। इस उत्सव के दौरान प्रत्येक दिन इस रंगोली में एक और वृत्त फूलों की पंखुड़ियों से बना दिया जाता है। इस प्रकार इस उत्स…

बच्चों की लंबाई के लिए जरूरी है उचित पोषण

यदि बच्चों की लंबाई उम्र के अनुसार न बढ़े तो अभिभावकों की चिंता स्वभाविक है। हर कोई यही चाहता है कि उसके बच्चे का विकास उम्र के साथ सही दिशा में हो , सही ढंग से हो। जिस प्रकार एक छोटा पौधा अनुकूलित वातावरण, मिट्टी, खाद ,पानी मिलने पर ही वह आगे चलकर वृक्ष का रूप लेता है और फल फूल देता है । उसी तरह बच्चा भी उचित भोजन और अनुकूलित वातावरण मिलने पर ही विकसित होता है।अभिभावकों को समय-समय पर अपने डॉक्टर से बच्चों की जांच करवा कर उसके विकास का आकलन करवाते रहना चाहिए । लंबाई ना बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं । डॉक्टर यह सलाह देते हैं कि “ समय पर इलाज मिलने से कद बढ़ सकता है । अधिक छोटे कद के बच्चे ग्रोथ हार्मोन ट्रीटमेंट ले सकते हैं । ट्रीटमेंट पुरा न करवाने पर नुकसान भी हो सकता है । हार्मोन ट्रीटमेंट से 2 से 3 इंच तक लंबाई बढ़ सकती है । ”लंबाई बढ़ाने के लिए भोजन में विटामिन ए , विटामिन डी , आयरन एवं कैल्शियम की उचित मात्रा होना जरूरी है । प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ के लिए भोजन में दूध को शामिल करना चाहिए।हमारे देश के बच्चों की औसत लंबाई विश्व की औसत से बहुत कम है । 40% बच्चे अपनी निश्चित लंबाई …

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षकों का तबादला अब तीन साल पर

आज उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों के लिए एक अच्छी खबर आई है , जोकि दैनिक जागरण के समाचार पत्र दिनांक 28 अगस्त 2019 के मुख्य पृष्ठ पर छपी है । इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद स्कूलों के शिक्षक अब पांच साल की बजाय तीन साल की सेवा पूरी कर लेने पर ही एक जिले से दूसरे जिले में तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं ।वही महिला शिक्षकों के अंतर जिला तबादले के लिए सेवा काल का यह समय सीमा 3 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष की जाएगी , बस शर्त यह होगी कि शिक्षकों का तबादला उनकी अपनी ग्राम पंचायत के स्कूल में नहीं होगा।उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ सतीश द्विवेदी जी ने मंगलवार को यह बताया कि अंतर जिला तबादले के लिए विभाग ने नीति तैयार कर ली है जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी सहमति दे दी है।अंतर जिला तबादले की यह प्रक्रिया पारदर्शी होगी। तबादले के लिए जो पैमाने तय किए जाएंगे , उनमें प्रत्येक के गुणांक निर्धारित होंगे। अंतर जिला तबादले के लिए शिक्षकों से अक्टूबर में ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे जिसका इसका गहन परीक्षण होगा । शिक्षकों को प्राप्त …

खुद पर भरोसा कम होने लगता है , आखिर क्यों ?

जीने की इच्छा धीरे-धीरे खत्म होने लगती है जिन्हें खुद पर भरोसा नहीं होता। जी हां ! मैं आत्मविश्वास की बात कर रहा हूं।
आत्मविश्वास ही तो हमारा ऐसा साथी होता है जो अंतिम सांस तक अपना साथ निभाता है। पर क्या हो ? जब यह साथी हमारे साथ ना हो  ! तो जीवन निराशा और उदासी के साथ कटता है ।
हम यहां पर उन लोगों की बात नहीं कर रहे जो आत्म-विश्वासी हैं । हम उनकी बात कर रहे हैं जिन्हें अपने आप में आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं।
अपने ऊपर विश्वास कम होना या न होना , आखिर क्यों होता है , इस पर आप कभी विचार किए हैं ? यदि किये हैं तो आप कमेंट में साझा जरूर करें ।
मैंने इस पर थोड़ा सोचा है। चलिए एक उदाहरण लेते हैं मान लीजिए , आपने अपने एक मित्र को अपने लिए कुछ कार्य करने के लिए दिया और उसने उस कार्य को नहीं किया। पहली बार आप यह सोच सकते हैं कि हो सकता है कि कुछ कारण रहा होगा जिसके कारण उसने वह कार्य न कर पाया । फिर कभी दूसरी बार आपने अपने उसी मित्र को कुछ कार्य करने के लिए दिया और उसने फिर आपके उस दिए हुए कार्य को नहीं किया । तो क्या होगा ? आपके मन में उसके प्रति थोड़ा सा संदेह जरूर होगा कि वह मित्…

CTET Exam : 8 December 2019 की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई

CTET Exam : 8 December  2019 की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई



केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019 की आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 8 दिसंबर 2019 को पूरे देश में 110 शहरों में आयोजित की जाएंगी। जो भी B.Ed डिग्री धारी हैं वह इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं और अधिक विस्तृत जानकारी के लिए आप सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट से जाकर  नोटिफिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं और आवेदन भी सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट अथवा www.ctet.nic.in पर जाकर कर सकते हैं।

इस परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 18 सितंबर 2019 रखी गई है । फीस भुगतान 23 सितंबर 2019 तक दोपहर 3:30 बजे तक की जा सकती है । सीबीएसई ने यह भी कहा है कि सीटेट के 13 वें संस्करण का आयोजन 8 दिसंबर 2019 को पूरे देश में 110 शहरों में और भाषाओं में आयोजित की जाएगी।

सी बी एस ई द्वारा सीटेट की परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जा रही है । एक जुलाई में आयोजित की जाती है और दूसरी दिसंबर में आयोजित की जाती है।

सीटेट की परीक्षा में दो पेपर का आयोजन किया जाता है पहला एक से पांचवीं क…

यदि कोई व्यक्ति सुंदर न दिखे या उसका व्यक्तित्व आकर्षक न हो , तो उसे क्या करना चाहिए ?

प्रत्येक जीव के शरीर की बनावट प्रकृति द्वारा निर्धारित की जाती है और इस बनावट को हम स्थाई रूप से नहीं बदल सकते। आजकल तो बहुत सारी कृत्रिम विधियां आ गई है जिससे प्राकृतिक बनावट को चुनौती दी जा रही है। लेकिन हमको यह ध्यान में रखना चाहिए कि प्राकृतिक वस्तुओं से छेड़छाड़ का परिणाम , उसके लिए हमेशा नुकसान दायक ही होता है। इस तथ्य को आप अपने जीवन में भी अनुभव कर सकते हैं। हमारा शरीर भी प्रकृति की ही संपत्ति है।

सवाल यह था कि यदि कोई व्यक्ति सुंदर न दिखे , तो उसे क्या करना चाहिए ? right ?
निश्चित ही उसे प्राकृतिक रूप से ही अपने आपको बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए , क्योंकि इससे हमारी आंतरिक शांति भंग नहीं होती और आंतरिक शांति ही हमारे चेहरे पर चमत्कारिक चमक बिखेरती है।

हमारा प्रकृति से प्रेम ही हमारे व्यक्तित्व को आकर्षक बना सकती है और यह स्थाई भी होती है। सच कहें तो हमारा व्यक्तित्व ही हमारा चेहरा होता है। तो इससे बेहतर कोई और विचार हो ही नहीं सकता कि हम अपने चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने की अपेक्षा , हम अपने व्यक्तित्व की सुंदरता को बढ़ाएं ।

अब यहां पर एक सवाल यह उठता है कि हम अपने व्यक्तित…