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यदि कोई व्यक्ति सुंदर न दिखे या उसका व्यक्तित्व आकर्षक न हो , तो उसे क्या करना चाहिए ?

प्रत्येक जीव के शरीर की बनावट प्रकृति द्वारा निर्धारित की जाती है और इस बनावट को हम स्थाई रूप से नहीं बदल सकते। आजकल तो बहुत सारी कृत्रिम विधियां आ गई है जिससे प्राकृतिक बनावट को चुनौती दी जा रही है। लेकिन हमको यह ध्यान में रखना चाहिए कि प्राकृतिक वस्तुओं से छेड़छाड़ का परिणाम , उसके लिए हमेशा नुकसान दायक ही होता है। इस तथ्य को आप अपने जीवन में भी अनुभव कर सकते हैं। हमारा शरीर भी प्रकृति की ही संपत्ति है।

सवाल यह था कि यदि कोई व्यक्ति सुंदर न दिखे , तो उसे क्या करना चाहिए ? right ?
निश्चित ही उसे प्राकृतिक रूप से ही अपने आपको बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए , क्योंकि इससे हमारी आंतरिक शांति भंग नहीं होती और आंतरिक शांति ही हमारे चेहरे पर चमत्कारिक चमक बिखेरती है।

हमारा प्रकृति से प्रेम ही हमारे व्यक्तित्व को आकर्षक बना सकती है और यह स्थाई भी होती है। सच कहें तो हमारा व्यक्तित्व ही हमारा चेहरा होता है। तो इससे बेहतर कोई और विचार हो ही नहीं सकता कि हम अपने चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने की अपेक्षा , हम अपने व्यक्तित्व की सुंदरता को बढ़ाएं ।

अब यहां पर एक सवाल यह उठता है कि हम अपने व्यक्तित…

किसी काम में आपका मन नहीं लग रहा ? तो यह पढ़ें

आप भी यह महसूस करते होंगे कि हमारा शरीर चाहें कितना भी दुबला-पतला क्यों न हो , यदि हमारे अंदर इच्छाशक्ति है तो हम किसी भी कठिन से कठिन कार्य को जो भले ही अकल्पनीय लगता हो , हम कर सकते हैं। महात्मा गांधी , विनोबा भावे , एपीजे अब्दुल कलाम ये कुछ ऐसे तमाम उदाहरण है जिन्होंने अपने इच्छाशक्ति के बल पर ही महान कार्यों को सम्पन्न किया है । किसी व्यक्ति का किसी कार्य में मन नहीं लग रहा है तो इसके पीछे केवल दो ही कारण हो सकते हैं पहला शारीरिक और दूसरा मानसिक।
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है यह कोई कहानी नहीं है इस बात को हम लोग अपने दैनिक जीवन में हमेशा महसूस भी करते हैं। यदि शरीर अस्वस्थ है तो वाकई हमारा किसी कार्य में मन लग ही नहीं सकता। इसलिए सबसे पहले अपने शरीर को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने का प्रयास हमेशा करना पड़ेगा। यह शरीर चाहें दुबला पतला क्यों न हो , स्वस्थ होना चाहिए , निरोगी होना चाहिए।

किसी कार्य में मन न लगने का दूसरा कारण होता है मानसिक। यदि शरीर पूर्ण रूप से स्वस्थ है फिर भी यदि किसी कार्य में हमारा मन नहीं लग रहा है तो समझ जाइए इसके पीछे मानसिक कारण ही है , इसे आप म…

परीक्षा के तनाव का जिम्मेदार कौन

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में देश भर से बच्चों , शिक्षकों और अभिभावकों की चिंताओं पर चर्चा की । कार्यक्रम में परिजनों को भी सलाह दी कि बच्चों पर अच्छे नंबर लाने का अनावश्यक दबाव ना बनाएं, क्योंकि इससे ही परिस्थिति बिगड़ती है ।

प्रधानमंत्री ऑनलाइन गेम से लेकर सोशल मीडिया और परीक्षा में नंबर पर टिप्स दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके पहले भी बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ इसी तरह की चर्चा कर चुके हैं । पहली बार नहीं है , जब परीक्षा से पहले बच्चों को तनाव से बचने की कोई पहल हुई हो । बीते कुछ वर्षों में ऐसी तमाम कवायदें विभिन्न स्तरों पर होती रही है।

जब भी परीक्षा के तनाव के बारे में चर्चा होती है तो एक साथ कई विचार बड़ी तेजी से हमारे जेहन उठते हैं। एक विचित्र सा डर,  भ्रम, परेशानी, अफरा-तफरी, दुविधा, उदासी ,चिड़चिड़ापन और न जाने कितनी मानसिक और भावनात्मक अवस्थाओं को अपने में समेटे हुए परीक्षा का तनाव विद्यार्थियों के जीवन के लिए किसी दु:स्वप्न से कम डरावने नहीं होते हैं।

दुनिया भर के मनोविश्लेषक और शिक्षाविद परीक्षा के तनाव को दूर कर…

जी अशोक कुमार ने नौसेना उप प्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण किया

✓ नौ सेना में वाइस एडमिरल रहे ‘जी अशोक कुमार’ 30 जनवरी 2019 को नौसेना के उप प्रमुख ( Vice President ) के रूप में पदभार ग्रहण किया।

✓ तीन दशक से अधिक लंबे अपने करियर के दौरान जी अशोक कुमार ने स्टाफ और कमान के विभिन्न स्तरों पर चुनौतीपूर्ण पदों पर कार्य किए हैं।




पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का निधन

✓ 29 january 2019 को पूर्व रक्षा मंत्री और समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे।

✓ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की राजग सरकार में जॉर्ज फर्नांडिस रक्षा मंत्री थे। जॉर्ज फर्नांडिस के कार्यकाल में ही 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण किया गया और 1999 का कारगिल युद्ध हुआ।

✓ 1977 में जब जनता पार्टी सत्ता में आई थी तो उस समय जॉर्ज फर्नांडिस उद्योग मंत्री के रूप में अपना कार्यभार संभाला था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा वह एक स्पष्ट और निडर नेता थे जो अपनी विचारधारा पर अडिग रहते थे।


Train -18 का नाम अब वंदे भारत एक्सप्रेस

✓  भारत में निर्मित पहली इंजन रहित ट्रेन , जिसका नाम ट्रेन-18 था , जिसे अब बदल कर ‘वंदे भारत एक्सप्रेस ’ रखा गया है इसकी घोषणा रेल मंत्री पीयूष गोयल ने की।

✓  train-18 में कोई अलग से इंजन नहीं लगाया गया है और इसमें 16 डिब्बे लगे हैं।

✓  यह पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन है, जो दिल्ली और वाराणसी के बीच कानपुर और प्रयागराज स्टेशन पर रुकेगी।

✓  इस ट्रेन के रफतार 160 किलोमीटर पर घंटा है,  जो सबसे पहले दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी।

✓  ट्रेन-18 को रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री द्वारा बनाया गया है। जिसको बनाने में 97 करोड रुपया खर्च हुआ है।

नोवाक जोकोविच ने जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब

नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2019 का खिताब सातवीं बार जीतकर एक विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

सर्विया के नोवाक जोकोविच ने स्पेन के राफेल नडाल को  6-3, 6-2 , 6-3 से हराकर यह खिताब जीता।