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रसायन विज्ञान की परिभाषा एवं इसकी शाखाएं | कक्षा 11 | रसायन विज्ञान | अध्याय 1 | L02

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विज्ञान की वह शाखा , जिसके अंतर्गत किसी पदार्थ के संघटन, गुण , संरचना तथा उनमें होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है, रसायन विज्ञान कहलाता है।

✓ रसायन विज्ञान का क्षेत्र अधिक विस्तृत होने के कारण इसे अनेक शाखाओं में बांटा गया है ....
जैसे ;
अकार्बनिक रसायन ( Inorganic chemistry ) : 
रसायन विज्ञान की वह शाखा , जिसके अंतर्गत कार्बन के यौगिकों को छोड़कर अन्य सभी तत्वों एवं उनके यौगिकों का अध्ययन किया जाता है,  अकार्बनिक रसायन कहलाता है।
कार्बनिक रसायन ( Organic chemistry ) : 
रसायन विज्ञान की वह शाखा , जिसके अंतर्गत कार्बन के यौगिकों का अध्ययन किया जाता है , कार्बनिक रसायन कहलाता है।
अपवाद ; कार्बन डाइऑक्साइड , कार्बन मोनोऑक्साइड , बाई-कार्बोनेट आदि जैसे कार्बन के यौगिकों को छोड़कर।
भौतिक रसायन ( Physical chemistry ) : 
रसायन विज्ञान की शाखा,  जिसके अंतर्गत रासायनिक अभिक्रिया के नियमों तथा सिद्धांतों का अध्ययन किया जाता है , भौतिक रसायन कहलाता है।

जैव रसायन ( Biochemistry ) : 
रसायन विज्ञान की वह शाखा , जिसके अंतर्गत जीवधारियों (पौधे और जंतु ) में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाएं तथा उ…

रसायन विज्ञान का विकास | Development of chemistry | कक्षा 11 | रासायन विज्ञान | अध्याय 1 | L01 |

Chemistry” शब्द की व्युत्पत्ति के “ chemia ” शब्द से हुई है , जिसका अर्थ होता है “काला रंग”
✓ प्राचीन काल में रासायन विज्ञान का उदय एक कला के रूप में हुआ था,  जिसे “मिस्र की कला ( The Egyptian Art )” कहा जाता था।
✓  भारतीय प्राचीन इतिहास में रसायन विज्ञान को रस-तंत्र , रस-विद्या , रस-क्रिया अथवा रसायन शास्त्र के रूप में जाना जाता था।
✓ 600 BC पहले आचार्य कणाद (जिनका वास्तविक नाम कश्यप था ) ने परमाण्विक सिद्धांत दिया था ...
महर्षि कणाद के अनुसार, 
१. प्रत्येक पदार्थ छोटी इकाइयों का समूह होता है जिसे परमाणु कहते हैं।
२. यह अविभाज्य(Non-divisible), गोलाकार(spherical) तथा मूल अवस्था में गतिशील (dynamic) होते हैं।
३. परमाणु का बोध , मनुष्य की किसी भी ज्ञानेंद्रियों द्वारा नहीं होता है।

✓ आधुनिक रसायन विज्ञान का जनक "लैवोसियर" को कहा जाता है।

कार्बनिक रसायन का परिचय | अध्याय 12 | L 01 |

✓ 17 वीं शताब्दी में (1675) “ लीमरी ” ने पदार्थ को उनके प्राकृतिक स्रोत के आधार पर तीन वर्गों में विभाजित किया ..
१. खनिज पदार्थ  २. वनस्पति पदार्थ  ३. जन्तु पदार्थ
✓ 18 वीं शताब्दी में (1784) , “लैवोसियर” ने प्रयोगों द्वारा यह बताया कि जंतु एवं वनस्पति स्रोतों से प्राप्त सभी पदार्थों में कार्बन और हाइड्रोजन तत्व मुख्य रूप से पाए जाते हैं।
✓  19वीं शताब्दी के प्रारंभ में पदार्थ को उनके प्राकृतिक स्रोतों के आधार पर दो वर्गों में विभाजित किया गया..
१. कार्बनिक पदार्थ : ऐसे पदार्थ जो जीवधारियों (पौधों एवं जंतुओं ) से प्राप्त होते हैं । जैसे : यूरिया , ग्लूकोज एसिटिक अम्ल , आदि 
२. अकार्बनिक पदार्थ : ऐसे पदार्थ जो निर्जीवों ( खनिज ,चट्टानों आदि ) से प्राप्त होते हैं । जैसे : सोडियम क्लोराइड , हाइड्रोजन क्लोराइड, कैल्शियम कार्बोनेट आदि ।
नोट :  “बर्जीलियस” ने जीवो से प्राप्त पदार्थों के लिए सर्वप्रथम “ ऑर्गेनिक ” शब्द का प्रयोग किया , जिसका अर्थ होता है  “ जैव ” या “ जीवो से संबंधित ”।

बर्जीलियस का जैव शक्ति सिद्धांत :
“ कार्बनिक यौगिकों का संश्लेषण केवल जैव शक्ति के प्रभाव से जीवों द्वारा …

क्या होता है जब फॉर्मलडिहाइड को NH3 से क्रिया कराते हैं ? ( 2008 , 10 , 16 ,17 19 ) / राजीव अनसाल्वड / रसायन विज्ञान / कक्षा 12 /Set-1 /2019/347FK/ प्रश्न संख्या 6 (ख)२.

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उत्तर : 

मेथेनल ( फॉर्मलडिहाइड ) ,  सांद्र अमोनिया के साथ अभिक्रिया कर हेक्सामेथिलीन टेट्रा ऐमीन बनाता है।
6HCHO + 4NH3 → (CH2)6N4  + 6H2O

क्या होता है जब बेंजलडिहाइड को सोडियम हाइड्राक्साइड (NaOH) के साथ गर्म किया जाता है ? [ यूपी बोर्ड परीक्षा /कक्षा12/(2019)//रसायन विज्ञान/अनसाल्वड/Set-1/347FK/प्रश्न संख्या 6(ख)१. ]

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उत्तर : 
✓ बेंजलडिहाइड को सांद्र सोडियम हाइड्राक्साइड (NaOH) की उपस्थिति में गर्म करने पर बेन्जिल एल्कोहल तथा सोडियम बेंजोएट प्राप्त होता है।
✓ यह अभिक्रिया “कैनिजारो अभिक्रिया’' कहलाती है , जिसमें एक ही यौगिक का अपचयन तथा ऑक्सीकरण होता है।
2C6H5CHO + NaOH → C6H5CH2OH + C6H5COONa

किन पदार्थों को विटामिन कहते हैं? विटामिन के वर्गीकरण , स्रोत तथा दैनिक जीवन में महत्व का वर्णन कीजिए । [ यूपी बोर्ड परीक्षा /कक्षा12/(2019)//रसायन विज्ञान/अनसाल्वड/Set-3/347FM/प्रश्न संख्या 7(ख) ]

उत्तर :
विटामिन :
✓ ऐसे कार्बनिक योगिक जो शरीर के उपापचयी क्रियाओं (metabolism) के लिए अति आवश्यक होता है तथा जिनसे कोई कैलोरी ऊर्जा प्राप्त नहीं होती विटामिंस कहलाता है।
✓विटामिन्स को शरीर का रक्षात्मक पदार्थ भी कहा जाता है।
✓ विटामिंस ऐसे पदार्थ होते हैं जो शरीर के स्वास्थ्य , वृद्धि तथा पाचन क्षमता को बनाए रखने में सहायता प्रदान करते हैं।
विटामिंस के वर्गीकरण :
जल में घुलनशीलता के आधार पर विटामिन को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है ..
1. जल में घुलनशील विटामिन :
✓ ऐसे विटामिंस जल में घुलनशील होते हैं।
✓ इसके अंतर्गत विटामिन B और विटामिन C आते हैं।
2. जल में अघुलनशील विटामिन अथवा वसा में घुलनशील विटामिन :
✓ ऐसे विटामिंस जल में अघुलनशील(insoluble) होते हैं जबकि वसा में घुलनशील (soluble) होते हैं।
✓ इसके अंतर्गत विटामिन A ,  विटामिन D , विटामिन E तथा विटामिन K आते हैं।

विटामिन के स्रोत तथा दैनिक जीवन में विटामिंस का महत्व : 
✓  प्रकृति द्वारा उपजे गए पदार्थ ही विटामिंस के प्रमुख स्रोत है । 
✓ जीवधारियों के शरीर के लिए यह अति आवश्यक पदार्थ होता है । जिसकी कमी से विभिन्न प्रकार की बीमारियां…

अमोनिया से नाइट्रिक अम्ल कैसे प्राप्त करेंगे ? [ यूपी बोर्ड परीक्षा /कक्षा12/(2019)//रसायन विज्ञान/अनसाल्वड/Set-3/347FM/प्रश्न संख्या 7(क)/अथवा खण्ड/५. ]

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उत्तर :
अमोनिया से नाइट्रिक अम्ल बनने की अभिक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है।
पहला चरण : 
अमोनिया , प्लेटिनम धातु जैसे उत्प्रेरक की उपस्थिति में नाइट्रिक ऑक्साइड में ऑक्सीकृत हो जाता है।
4NH3 + O2 → 4NO + 6H2O

दूसरा चरण :
नाइट्रिक ऑक्साइड पुन: नाइट्रोजन डाइऑक्साइड गैस में आक्सीकृत हो जाता है।
4NO + 2O2 → 4NO2 ↑


तीसरा चरण : 
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड , जल के साथ अभिक्रिया करके नाइट्रिक अम्ल बनाता है ।
3NO2 + H2O → 2HNO3 + NO