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आंवला | आंवला के लाभकारी गुण |

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आधुनिक जीवन शैली के कारण और प्रदूषण की अत्यधिक वृद्धि होने से लोगों को सामान्य जीवन व्यतीत करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जिस व्यक्ति का इम्यून सिस्टम मजबूत है उसका शरीर तो रोगाणुओं से अच्छी तरह से लड़ता है परंतु जिसके शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर है वह रोगाणुओं से मजबूती के साथ लड़ नहीं पाता है और उसको बीमारियां जल्दी पकड़ लेती है।



शरीर के इम्यून सिस्टम यानीं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है । शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला फल  “ आंवला ” बहुत ही लाभकारी है जिसके बारे में यहां साझा कर रहा हूं ....

रक्त को शुद्ध करता है आंवला

एंटी ऑक्सीडेंट , आंवले में पाए जाने वाला एक ऐसा पदार्थ है जो रक्त की शुद्धिकरण में सहायक होता है।

दर्द में लाभदायक

जोड़ों के दर्द और ओस्टियोआर्थराइटिस में आंवला काफी सहायक है । आंवले में उपस्थित तत्व हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद होते हैं । आंवले में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों को कमजोर होने नहीं देता।

आंवला वजन नियंत्रण में भी सहायक है

आंवला शरीर से सारी विषाक्तता को निकाल देता …

विश्व हेपेटाइटिस दिवस | World Hepatitis Day | 28 July |

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प्रत्येक वर्ष पूरे विश्व में 28 जुलाई को वर्ल्ड हेपिटाइटिस डे
मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में इस रोग के प्रति जागरूकता लाना है।

हेपेटाइटिस के जो शुरुआती लक्षण होते हैं उसको लोग अक्सर मौसमी बुखार समझने लगते हैं जिसके कारण इस बीमारी की जटिलता बढ़ जाती है। इसलिए इसके बारे में जानना और इससे कैसे बचा जाए यह समझना जरूरी है .....

हेपेटाइट जिसका मतलब लिवर में संक्रमण होना है । वैसे तो लिवर में संक्रमण कई कारणों से हो सकता है  पर हेपेटाइटिस के वायरस का संक्रमण सबसे ज्यादा खतरनाक होता है ।

पांच अलग-अलग तरह के वायरस हेपेटाइटिस के लिए जिम्मेदार होते हैं ; हेपेटाइटिस A , B, C ,D and E

हेपेटाइटिस से संक्रमित व्यक्तियों के अंदर कुछ मुख्य लक्षण दिखाई देते हैं , जैसे ;

✓ मूत्र का पीला होना

✓ त्वचा और आंख का पीलापन होना

 ✓भूख ना लगना

✓ बुखार आना

✓ उल्टी जैसा मन होना

हेपेटाइटिस A और E 

हेपेटाइटिस A और E , क्रमश: हेपिटाइटिस वायरस ए और हेपेटाइटिस वायरस बी के कारण होता है

हेपेटाइटिस की जांच

हेपेटाइटिस का पता लगाने के लिए खून की जांच की जाती है , जैसे ;  आईजीएम एंटीबॉडी ,  लिवर फंक्शन टेस्ट और अल्ट्रा…

विश्व एड्स दिवस | World Aids Day | | 1 December |

प्रत्येक वर्ष लगभग सभी देशों में 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य इस खतरनाक बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना होता है। दुनिया में 37.7 मिलियन लोग एचआईवी रोग से ग्रसित हैं । यह यूनिसेफ की रिपोर्ट है। भारत में एचआईवी से ग्रसित रोगियों की संख्या 2.1 मिलियन है, यह भारत सरकार की रिपोर्ट है। इस बात ही अंदाजा लगा लीजिए कि यह कितनी बड़ी सामाजिक समस्या बन गई है।

एचआईवी संक्रमित रोगियोंं मे यह निम्न कुछ सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं ....
एचआईवी संक्रमण होने के कुछ हफ्तों के अंदर ही बुखार / थकान / शरीर पर चकत्ते बन जाना /गले में खराश /सांस लेने में समस्या / भूख कम लगना / दस्त होना आदि जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
डॉक्टरों द्वारा एड्स के कुछ प्रमुख कारणों को बताया गया है जिसके कारण यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता हैं जैसे ; 
✓  एचआईवी से ग्रसित किसी व्यक्ति के संक्रमित खून को किसी दूसरे व्यक्ति में चढ़ाने से
✓ असुरक्षित यौन संबंध से
✓ संक्रमित सिरिंज के पुनः उपयोग से
AIDS : ACQUIRED IMMUNO DEFICIENCY SYNDROME
HIV :  HUMAN IMMUNODEFICIENCY VIRUS

एमडीटी खाओ - कुष्ठ भगाओ

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आज हमारे दैनिक समाचार पत्र के साथ-साथ एक सरकारी विज्ञापन का पन्ना भी मिला । जोकि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बलिया से संबंधित था । मुझे लगा कि आप लोगों के साथ इसे अपने इस पेज पर साझा करना चाहिए ।
कुष्ठ रोग क्या है ?

• यह एक जीवाणु माइकोबैक्टेरियम लैप्री द्वारा फैलता है ।
• यह वंशानुगत तथा पिछले जन्म के पापों का प्रतिफल नहीं है ।
• कुष्ठ रोग 98% संक्रमित रोगियों के खांसने व छींकने से निकलने वाले कीटाणुओं के नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने से फैलता है ।
• कुष्ठ रोग मात्र 2% संक्रमित रोगी के साथ लंबे समय तक त्वचा के संपर्क एवं संसर्ग में रहने पर फैलता है।

कुष्ठ रोग के लक्षण

•  शरीर पर शरीर के रंग से हल्के रंग , लाल रंग अथवा पूर्ण रूप से सुन कोई दाग धब्बा अथवा चकता पाया जाना।
•  कोहनी के पीछे अथवा घुटने के पीछे वाली नस का मोटा होना अथवा मोटे होने के साथ-साथ दर्द होना।
• हाथों अथवा पैरों की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी होना।

कुष्ठ रोग का उपचार

• कुष्ठ रोग साध्य है , उपचार के बाद पूर्णतया ठीक हो जाता है। अतः कुष्ठ रोग से भयभीत न हो।
• कुष्ठ रोग का उपचार बहु औषधि उपचार प्रणाली यानी एम…

ओणम का त्योहार क्यों मनाया जाता है

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हो सकता है कि आप “ओणम” शब्द पहली बार सुन रहे  हों । यह दक्षिण भारतीय राज्य केरल में मनाया जाने वाला एक प्राचीन और पारंपरिक त्योहार है। इस त्योहार को मनाने के लिए देशभर से यहां तक कि विदेशों से भी लोग आते हैं।

दरअसल यह एक उत्सव होता है जो केरल के प्रिय राजा महाबली के स्वागत के प्रतीक के रूप में प्रत्येक वर्ष सितंबर के महीने में ( यानी भाद्रपद के शुक्ल पक्ष के द्वितीया से आरंभ हो जाता है ) हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। जोकि 10 दिनों तक चलता है।


ओणम उत्सव का खेती और किसानों से भी गहरा संबंध है। किसान भाई अपने फसलों की सुरक्षा और अच्छी उपज के लिए श्रावण देवता और पुष्पदेवी की आराधना करते हैं। फसल पकने की खुशी लोगों के मन में खुशी और उल्लास लाती है। इसलिए इसे फसल उत्सव के रूप में भी जाना जाता है।


इस दौरान पूरे घर की विशेष साफ-सफाई की जाती है , पूरे घर को फूलों से - मालाओं से सजाया जाता है। घर के आंगन में फूलों की पंखुड़ियों से सुंदर-सुंदर रंगोलियां बनाई जाती है। इस उत्सव के दौरान प्रत्येक दिन इस रंगोली में एक और वृत्त फूलों की पंखुड़ियों से बना दिया जाता है। इस प्रकार इस उत्स…

बच्चों की लंबाई के लिए जरूरी है उचित पोषण

यदि बच्चों की लंबाई उम्र के अनुसार न बढ़े तो अभिभावकों की चिंता स्वभाविक है। हर कोई यही चाहता है कि उसके बच्चे का विकास उम्र के साथ सही दिशा में हो , सही ढंग से हो। जिस प्रकार एक छोटा पौधा अनुकूलित वातावरण, मिट्टी, खाद ,पानी मिलने पर ही वह आगे चलकर वृक्ष का रूप लेता है और फल फूल देता है । उसी तरह बच्चा भी उचित भोजन और अनुकूलित वातावरण मिलने पर ही विकसित होता है।अभिभावकों को समय-समय पर अपने डॉक्टर से बच्चों की जांच करवा कर उसके विकास का आकलन करवाते रहना चाहिए । लंबाई ना बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं । डॉक्टर यह सलाह देते हैं कि “ समय पर इलाज मिलने से कद बढ़ सकता है । अधिक छोटे कद के बच्चे ग्रोथ हार्मोन ट्रीटमेंट ले सकते हैं । ट्रीटमेंट पुरा न करवाने पर नुकसान भी हो सकता है । हार्मोन ट्रीटमेंट से 2 से 3 इंच तक लंबाई बढ़ सकती है । ”लंबाई बढ़ाने के लिए भोजन में विटामिन ए , विटामिन डी , आयरन एवं कैल्शियम की उचित मात्रा होना जरूरी है । प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ के लिए भोजन में दूध को शामिल करना चाहिए।हमारे देश के बच्चों की औसत लंबाई विश्व की औसत से बहुत कम है । 40% बच्चे अपनी निश्चित लंबाई …

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षकों का तबादला अब तीन साल पर

आज उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों के लिए एक अच्छी खबर आई है , जोकि दैनिक जागरण के समाचार पत्र दिनांक 28 अगस्त 2019 के मुख्य पृष्ठ पर छपी है । इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद स्कूलों के शिक्षक अब पांच साल की बजाय तीन साल की सेवा पूरी कर लेने पर ही एक जिले से दूसरे जिले में तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं ।वही महिला शिक्षकों के अंतर जिला तबादले के लिए सेवा काल का यह समय सीमा 3 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष की जाएगी , बस शर्त यह होगी कि शिक्षकों का तबादला उनकी अपनी ग्राम पंचायत के स्कूल में नहीं होगा।उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ सतीश द्विवेदी जी ने मंगलवार को यह बताया कि अंतर जिला तबादले के लिए विभाग ने नीति तैयार कर ली है जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी सहमति दे दी है।अंतर जिला तबादले की यह प्रक्रिया पारदर्शी होगी। तबादले के लिए जो पैमाने तय किए जाएंगे , उनमें प्रत्येक के गुणांक निर्धारित होंगे। अंतर जिला तबादले के लिए शिक्षकों से अक्टूबर में ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे जिसका इसका गहन परीक्षण होगा । शिक्षकों को प्राप्त …