जजों की नियुक्ति का मार्ग खुला

लम्बें समय से हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर चल रहे केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच टकराव लगभग खत्म हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने एमओपी यानी मेंमोरेण्डम आफ प्रोसिजर को मंजूरी प्रदान कर दी जो इससे संबंधित था। केन्द्र सरकार , सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए उनकी इलिजिबीलिटी को भी जोड़ना चाह रहा था।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधिश केएस खेहर की अगुवाई वाळी कलेजियम ने एमओपी में इसको जोडने के लिए तैयार होई गवा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक साठ फीसदी जजों की कमी हैं जिसके चलते पेंडिग पडे केसों का निपटारा नहीं हो पा रहा हैं। यह कहा जा सकता है जब जस्टिस खेहर आऐं हैं  तब इसको लेकर केंद्र और सुप्रीम कोर्ट के बीच हालात सुधरें हैं।

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