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सिद्धू जी अब आप माननीय हो गऐ

" द कपिल शर्मा सो " में सिद्धु जी को सिर्फ बैठ कर " अपनी सड़ी हुई शायरी , हा-हा-हा और ठोंको ताली " कहने के अच्छे खासे पैसे मिलते हैं । फिर वो ऐसे बिना काम वाले काम को भला कैसे छोड़ सकते हैं। प्रौक्टिकली ऐसे काम को कोई नहीं छोड़ना चाहेगा फिर सिद्धु जी  तो कैसे !
लेकिन वो कह रहे  हैं कि शाम 6 बजे के बाद वो क्या करते हैं इससे किसी को कोई मतलब नहीं होना चाहिऐ। मतलब ये माननीय मन्त्री बन चुके सिद्धु जी शाम 6 बजे के बाद कुछ भी करें ! कुछ भी ! 
सिद्धु जी ठीक है आप कपिल शर्मा सो कीजिये मगर ये मत कहिये कि आप शाम 6 बजे के बाद कुछ भी करेंगे और कोई मतलब न रखे। उनको कोई बताऐ कुछ भी का मतलब बहुत कुछ होता है और आप एक संवैधानिक पद पर हैं आपको ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिऐ जिससे ऐसे संवैधानिक पद क गरिमा को ठेस पहूँचे।

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