चाणक्य के 10 अनमोल विचार


नमस्कार दोस्तों !!

चाणक्य , चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन  में प्रधानमन्त्री थे। इनके कारण ही चन्द्रगुप्त मौर्य मगध की गद्दी को जीतने में सफल हुऐ थे।
आईये जानते हैं उनके कुछ अनमोल विचार……


1•  "सबसे बड़ा गुरु मंत्रअपने राज किसी को भी मत बताओ। ये तुम्हे खत्म कर देगा। "


2•  "आदमी अपने जन्म से नहीं अपने कर्मों से महान होता है।"


3• " पुस्तकें एक मुर्ख आदमी के लिए वैसे ही हैं,जैसे एक अंधे के लिए आइना।"


4•  " शत्रु की दुर्बलता जानने तक उसे अपना मित्र बनाए रखें। "

5• " आलसी का ना वर्तमान होता हैना भविष्य। "


6•  "कठोर वाणी अग्नि दाह से भी अधिक तीव्र दुःख पहुँचाती है। "

7•  "अपने से अधिक शक्तिशाली और समान बल वाले से शत्रुता ना करें। "

8•  "  जिसकी आत्मा संयमित होती है, वही आत्मविजयी होता है। "


9•  "  धूर्त व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की सेवा करते हैं। "


10•  "  दंड का भय ना होने से लोग अकार्य करने लगते हैं। "

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