भारत के राष्ट्रपति से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य


भारतीय संविधान के अनुसार राष्ट्रपति में संघ की कार्यपालिका की शक्ति निहित होती है अर्थात राष्ट्रपति कार्यपालिका की औपचारिक शक्ति का प्रधान होता है।

राष्ट्रपति बनने की योग्यताएं : 

✓ भारत का नागरिक होना चाहिए।

✓ कम से कम 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।

✓ वह लोकसभा का सदस्य चुने जाने की योग्यता रखता हो।

राष्ट्रपति का निर्वाचन :

राष्ट्रपति का निर्वाचन अप्रत्यक्ष विधि से होता है। इसमें संसद के दोनो सदनों के निर्वाचित सदस्य तथा राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। राष्ट्रपति के निर्वाचन में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अंतर्गत एकल संक्रमणीय मत पद्धति का प्रयोग किया जाता है । इस पद्धति में मतदान गुप्त होता है और निर्वाचन में सफलता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार को एक निश्चित कोटा प्राप्त करना आवश्यक होता है।

राष्ट्रपति का कार्यकाल :

राष्ट्रपति का कार्यकाल सामान्यता 5 वर्ष का होता है । यदि राष्ट्रपति का पद अवधि से पहले रिक्त होता है तो ऐसी स्थिति में नए राष्ट्रपति का निर्वाचन शेष अवधि के लिए  होकर अगले 5 वर्षों तक के लिए किया जाता है।

राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण :

राष्ट्रपति को अपना पद ग्रहण करने से पहले सर्वाेच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या उनकी अनुपस्थिति में उच्चतम न्यायालय में उपलब्ध वरिष्ठ न्यायाधीश के समक्ष अपने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेनी होती है।

राष्ट्रपति के कार्य एवं शक्तियां : 

 ✓ राष्ट्रपति महत्वपूर्ण अधिकारियों जैसे प्रधानमंत्री , जिसकी सलाह से अन्य मंत्री गण , राज्यपाल ,  उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश , संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य और राजदूतों की नियुक्ति करता है।

✓ न्याय संबंधी अधिकार के रूप में राष्ट्रपति को अपराधियों को क्षमा करने या उनके  दंड को स्थगित करने या कम करने का अधिकार प्राप्त है।

✓ संकट कालीन अधिकार के रूप में यानी युद्ध , बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में राष्ट्रपति, राष्ट्रीय आपात घोषित कर सकता है एवं वित्तीय आपात घोषित कर सकता है।

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