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जल रंगहीन , गंधहीन एवं स्वादहीन क्यों होता है ?

जल का अणु एक ऑक्सीजन और दो हाइड्रोजन के परमाणुओं से मिलकर बना होता है ( यानि H2O ) ।
✓ सामान्यता किसी पदार्थ का रंग , गंध एवं स्वाद उस पदार्थ के pH या pOH पर निर्भर करता है।  यानी कि किसी पदार्थ के जल अपघटन के पश्चात H+ आयन की मात्रा कितनी है या OH- आयन की मात्रा कितनी है , इस बात पर निर्भर करता है।
यदि पदार्थ के पास हाइड्रोजन आयन की मात्रा यानी उसकी सांद्रता ज्यादा है तो उसका स्वाद खट्टा होता है और यदि किसी पदार्थ के पास OH- आयन की सांद्रता ज्यादा है तो उसका स्वाद कड़वा होता है और यदि उस पदार्थ में हाइड्रोजन आयन और OH- आयन की सांद्रता बराबर है तो वह पदार्थ स्वादहीन होता है।
जल के अणु के पास एक H+ और एक OH- होता है जिसके कारण ही जल स्वादहीन ,रंगहीन एवं गंधहीन होता है।
H2O = H+  + OH-



यूपीटीईटी परीक्षा जोकि 08/01/2020 को हुई थी‌ । उसकी आंसर-की जारी कर दी गई है ।

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी परीक्षा जोकि 08/01/2020 को हुई थी‌ ।  उसकी आंसर-की जारी कर दी गई है ।
पेपर -1 तथा पेपर -2 दोनों की आंसर-की (UPTET Answer Key) ऑफिशियल वेबसाइट updeled.gov.in पर अपलोड की गई है। उम्मीदवार इस वेबसाइट पर जाकर ही आंसर-की (UPTET 2019 Answer Key) डाउनलोड कर सकते हैं।
आंसर-की पीडीएफ फॉर्म में जारी की गई है। आंसर की पर आपत्ति दर्ज कराने की आखिरी तारीख 17 जनवरी 2020 है।
उम्मीदवार को प्रति आपत्ति 500 रुपए फीस देनी होगी।
उम्मीदवारों की आपत्ति सही पाए जाने पर फीस को रिफंड कर दिया जाएगा।
Pdf download करने के लिए click करें

(Primary)

(Upper  primary)





वाटर पोलो | वाटर पोलो खेल से संबंधित सामान्य जानकारी |

✓ वाटर पोलो की आधिकारिक प्रतियोगिता सन् 1874 में लंदन में हुई ।
✓ पहला अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता 1890 ई० में इंग्लैंड तथा स्कॉटलैंड के बीच हुआ था।

✓ इस खेल की शुरुआत इंग्लैंड में सन 1860 ई० में  हुयी ।
✓ इस खेल को शुरू करने का श्रेय  विलियम विल्सन को जाता है।
✓  1950 ई० में खेल के नियम बनाने के लिए “अन्तर्राष्ट्रीय वाटर पोलो बोर्ड ” का गठन हुआ।
 ✓ इस खेल के लिए 20 से 30 मी० लम्बा एवं 8 से 20 मी० चौड़ा पानी का क्षेत्र होता है , गेंद का वजन 400 से 450 ग्राम तक होता है और गोल पोस्ट सामान्यतः 3 मी० चौड़ा , पानी की सतह से 0.9 मी० ऊँचा होता है।
✓✓ वाटर पोलो खेल से संबंधित शब्दाबली :
 गोल लाइन, कैपस, पर्सनल फॉल्ट 2 मी० लाइन, 4 मी० लाइन, अंडर इसरलेसिंग आदि ।

गोल्फ | गोल्फ के बारे में सामान्य जानकारी |

✓  क्या आप जानते हैं कि “ गोल्फ ” खेल की शुरुआत सर्वप्रथम स्कॉटलैंड से हुयी ।

✓ आधुनिक गोल्फ खेल में पुरुषों के ग्रैंड स्लैम में चार टू्नामेंट होते हैं। मास्टर ओपन, यूनाइटेड
स्टेटस ओपन , ब्रिटिश ओपन और प्रोफेशनल गोल्फर्स एसोसिएशन ऑफ अमेरिका
जी.ए.) चैम्पयनशिप

✓ वह समतल भूमि जहाँ से पहला शॉट लगाया जाता है, ‘टी’ कहलाता है।

✓  गोल्फ कोर्स 125 से 175 एकड़ तक होता है। बॉल का वजन 45.9 ग्राम जिसकी परिधि 4.27 सेमी० होता है और छिद्र का व्यास-4 इंच।

गोल्फ खेल से संबंधित शब्दावली:

 बोगी, फोरसम, स्टाइमी टी, पुट हॉल, निवालिक, कैडी, लिम्स, आयरन
पुटिंग, दि ग्रीन, बंकर, कोर्स, लाई, पोस्ट आदि ।

हिंदी ज्ञान : वर्ण | वर्ण के भेद | स्वर | स्वर के भेद | हस्व स्वर | दीर्घ स्वर | प्लुत स्वर | व्यंजन | व्यंजन के प्रकार | स्पर्श व्यंजन | अंतस्थ व्यंजन | उष्म व्यंजन | | शब्द | शब्द के प्रकार | रूढ़ शब्द | योगरूढ़ शब्द | योगिक शब्द | अल्पप्राण | महाप्राण |

यदि आप इस लेख को पढ़ना चाह रहे हैं तो कृपया ध्यान दें कि यह हिंदी का एक छोटा सा शार्ट नोट्स है जो कि प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से बनाया गया है । इनमें से बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं। विस्तृत ज्ञान के लिए किताबों का सहारा लें। इसे हमने त्रुटि रहित रखने का प्रयास किया है फिर भी यदि आपको लगे कुछ त्रुटि है तो कृपा करके कमेंट के माध्यम से हमें जरूर बताएं।


वर्ण : मूल ध्वनि , जिसके खंड नहीं किए जा सकते , वर्ण कहलाता है।
हर वर्ण की अपनी एक लिपि होती है ‌ लिपि को वर्ण संकेत भी कहते हैं।

वर्ण के भेद :  वर्ण के दो भेद होते हैं
पहला स्वर और दूसरा व्यंजन

स्वर :

वह वर्ण जिसके उच्चारण में किसी अन्य वर्ण की आवश्यकता नहीं होती स्वर कहलाता है।
सामान्यता हिंदी वर्णमाला में 11 स्वर हैं ।

स्वर के भेद :  इनके दो भेद हैं - पहला मूल स्वर और दूसरा संयुक्त स्वर

मूल स्वर : इनकी संख्या 8 है जैसे - अ,आ,इ,ई,उ,ऊ,ए,ओ

संयुक्त स्वर : इनकी संख्या 2 है जैसे -
ऐ ( यह अ और ए से मिलकर बना है ) ,
  औ ( यह और अ और ओ से मिलकर बना है )

मूल स्वर तीन प्रकार के होते हैं --

१.हस्व स्वर
२.दीर्घ स्वर
३.प्लुत स्वर

१.हस्व स्वर : इनके उच…

आंवला | आंवला के लाभकारी गुण |

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आधुनिक जीवन शैली के कारण और प्रदूषण की अत्यधिक वृद्धि होने से लोगों को सामान्य जीवन व्यतीत करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जिस व्यक्ति का इम्यून सिस्टम मजबूत है उसका शरीर तो रोगाणुओं से अच्छी तरह से लड़ता है परंतु जिसके शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर है वह रोगाणुओं से मजबूती के साथ लड़ नहीं पाता है और उसको बीमारियां जल्दी पकड़ लेती है।



शरीर के इम्यून सिस्टम यानीं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है । शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला फल  “ आंवला ” बहुत ही लाभकारी है जिसके बारे में यहां साझा कर रहा हूं ....

रक्त को शुद्ध करता है आंवला

एंटी ऑक्सीडेंट , आंवले में पाए जाने वाला एक ऐसा पदार्थ है जो रक्त की शुद्धिकरण में सहायक होता है।

दर्द में लाभदायक

जोड़ों के दर्द और ओस्टियोआर्थराइटिस में आंवला काफी सहायक है । आंवले में उपस्थित तत्व हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद होते हैं । आंवले में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों को कमजोर होने नहीं देता।

आंवला वजन नियंत्रण में भी सहायक है

आंवला शरीर से सारी विषाक्तता को निकाल देता …

विश्व हेपेटाइटिस दिवस | World Hepatitis Day | 28 July |

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प्रत्येक वर्ष पूरे विश्व में 28 जुलाई को वर्ल्ड हेपिटाइटिस डे
मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में इस रोग के प्रति जागरूकता लाना है।

हेपेटाइटिस के जो शुरुआती लक्षण होते हैं उसको लोग अक्सर मौसमी बुखार समझने लगते हैं जिसके कारण इस बीमारी की जटिलता बढ़ जाती है। इसलिए इसके बारे में जानना और इससे कैसे बचा जाए यह समझना जरूरी है .....

हेपेटाइट जिसका मतलब लिवर में संक्रमण होना है । वैसे तो लिवर में संक्रमण कई कारणों से हो सकता है  पर हेपेटाइटिस के वायरस का संक्रमण सबसे ज्यादा खतरनाक होता है ।

पांच अलग-अलग तरह के वायरस हेपेटाइटिस के लिए जिम्मेदार होते हैं ; हेपेटाइटिस A , B, C ,D and E

हेपेटाइटिस से संक्रमित व्यक्तियों के अंदर कुछ मुख्य लक्षण दिखाई देते हैं , जैसे ;

✓ मूत्र का पीला होना

✓ त्वचा और आंख का पीलापन होना

 ✓भूख ना लगना

✓ बुखार आना

✓ उल्टी जैसा मन होना

हेपेटाइटिस A और E 

हेपेटाइटिस A और E , क्रमश: हेपिटाइटिस वायरस ए और हेपेटाइटिस वायरस बी के कारण होता है

हेपेटाइटिस की जांच

हेपेटाइटिस का पता लगाने के लिए खून की जांच की जाती है , जैसे ;  आईजीएम एंटीबॉडी ,  लिवर फंक्शन टेस्ट और अल्ट्रा…